नई दिल्ली. सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान खर्च में 2 लाख करोड़ रुपए की कटौती कर सकती है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के सूत्रों के मुताबिक टैक्स कलेक्शन में कमी को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है। ऐसा हुआ तो आर्थिक विकास दर में और गिरावट आ सकती है। जुलाई-सितंबर में जीडीपी ग्रोथ सिर्फ 4.5% रही। यह 6 साल में सबसे कम है।
अक्टूबर में सरकार ने 3.1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 27.86 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य तय किया था। नवंबर तक करीब 65% राशि खर्च की गई। अक्टूबर और नवंबर में खर्च की गति बाकी महीनों के मुकाबले धीमी रही। सितंबर में सरकार ने 3.1 लाख करोड़ रुपए व्यय किए थे। अक्टूबर और नवंबर में यह राशि 1.6 लाख करोड़ रुपए रही।
विश्लेषकों के मुताबिक निजी निवेश में कमी की वजह से भी देश की आर्थिक विकास दर में धीमापन है। मांग में कमी की वजह से कंपनियों की ज्यादा कमाई नहीं हो रही। इससे टैक्स कलेक्शन घट रहा है। एलएंडटी फाइनेंशियल की चीफ इकोनॉमिस्ट रूपा रेगे निस्तुरे का कहना है कि निजी निवेश में सुस्ती की वजह से ग्रोथ में गिरावट आना तय है।
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