खेल डेस्क.भारत ने पहले टी-20 में वेस्टइंडीज पर शानदार जीत हासिल की। कोहली ने शानदार पारी खेली। कोहली बड़े स्ट्रोक के लिए नहीं जाने जाते, लेकिन उन्होंने 6 छक्के लगाए। कोहली की इस पारी को अश्विन के ट्वीट से समझा जा सकता है। अश्विन ने लिखा, 'पिछली रात कोहली ने जो पारी खेली, वह अलौकिक थी।' हालांकि अभी अश्विन टी20 का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वे इस फॉर्मेट को अच्छी तरह समझते हैं।
हालांकि पारी की शुरुआत में कोहली ने तेज बल्लेबाजी नहीं की। लेकिन 10 ओवर के बाद कोहली का खेल पूरी तरह बदल गया। शुरुआत में उनकी टाइमिंग भी ठीक नहीं थी। टी-20 में धीमा और डॉट बॉल खेलना अपराध है। जोखिम उठाना ही पड़ता है। कोहली ने कठिन समय में चतुराई भरी पारी खेली।
रोहित के आउट होने के बाद कोहली का टिकना महत्वपूर्ण था। क्योंकि राहुल भी दबाव में थे। कोहली के बाद बल्लेबाजी में अनुभव की कमी थी। कप्तान कोहली ने सभी को संदेश दिया कि भले ही परिस्थिति कितनी भी कठिन हो। समर्पण विकल्प नहीं हो सकता। उम्र के साथ कोहली में परिपक्वता भी आई है। वे स्वाभाविक रूप से जुझारू खिलाड़ी हैं और लगातार जीत चाहते हैं। कोहली अन्य खिलाड़ियों से भी ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं। कोहली पहले टीम के बार-बार बदलाव के पक्ष में दिखे, लेकिन इससे टीम के प्रदर्शन में कोई खास परिवर्तन नहीं ला सके।
खिलाड़ियों को लेकर चिंता सिर्फ भारतीय क्रिकेट में नहीं है बल्कि दुनियाभर के लिए है। इसका कारण शरीर और दिमाग पर अधिक बोझ है। इस कारण ही रोटेशन पॉलिसी बनाई गई। इसने खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस, प्रदर्शन और मेंटल हेल्थ को प्रभावित किया है। जो दबाव नहीं झेल सके वे बाहर हो गए। ऑस्ट्रेलिया के स्टार्क एशेज में सिर्फ एक मैच खेल सके। कई भारतीय खिलाड़ी भी टीम में जगह नहीं बना के डर से बाहर निकले। पुजारा, रोहित, रहाणे, राहुल, पंत, उमेश यादव, इशांत, शमी, जडेजा, अश्विन ऐसे प्रमुख नाम हैं। इन खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की और कप्तान को भी समझा। भारतीय क्रिकेट इससे ज्यादा मजबूत है।
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