वॉशिंगटन. गूगल ने साप्ताहिक मीटिंग बंद करने का ऐलान शुक्रवार को किया। इसकी बजाय अब महीने में बैठक होगी। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने कर्मचारियों को ईमेल भेजकर बताया कि मीटिंग की बातें लीक होने और इनमें कर्मचारियों की मौजूदगी घटने की वजह से फैसला लिया गया। गूगल के फाउंडर लैरी पेज और सर्गे ब्रिन ने 1999 में साप्ताहिक बैठकों की शुरूआत की थी। इनका मकसद ये था कि कर्मचारी सार्वजनिक मंच से नियमित तौर पर अपनी बात मैनेजमेंट के सामने रख सकें।
वीकली मीटिंग्स में सिर्फ 25% कर्मचारी शामिल हो रहे थे: गूगल
साप्ताहिक बैठक का रिवाज गूगल के ओपन वर्क कल्चर की प्रमुख खूबियों में से एक था। गूगल के कर्मचारी साप्ताहिक बैठकों में यौन उत्पीड़न से लेकर भर्तियों तक के मुद्दे उठा चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिचाई ने कर्मचारियों से कहा कि साप्ताहिक बैठक ऐसा मंच है जो कर्मचारियों को मिलने-जुलने, तरक्की की बातें शेयर करने और सवाल पूछने का मौका देता है, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। हर बैठक के बाद मुद्दे लीक होने की जानकारी मिल रही है। पिचाई ने ये भी कहा कि अब सिर्फ 25% कर्मचारी इन बैठकों में शामिल हो रहे हैं, 10 साल पहले ये संख्या 80% थी।
गूगल की मीटिंग का एक वीडियो पिछले महीने लीक हुआ था। इसमें सीईओ पिचाई कह रहे थे कि कंपनी को कर्मचारियों के भरोसे के मोर्चे पर संघर्ष करना पड़ रहा था। गूगल के कर्मचारियों ने पिछले महीनों में साप्ताहिक बैठकों की कई बातें मीडिया में लीक कर दीं। इससे मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच तनाव बढ़ रहा था।
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