शेनझेन. चीन की टेलीकॉम कंपनी हुवावे अमेरिकी प्रतिबंध की मुश्किलों से उबारने की कोशिश में जुटे अपने कर्मचारियों की टीम को 28.6 करोड़ डॉलर (2044 करोड़ रुपए) का बोनस देगी। येरकम कंपनी की रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम को मिलने की उम्मीद है। येटीम कंपनी की यूएस पर निर्भरता को शिफ्ट करने के प्रयासों पर काम कर रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने मंगलवार को ये जानकारी दी। उसके मुताबिक हुवावे अपने सभी 1.90 लाख कर्मचारियों को इस महीने दोगुना वेतन भी देगी।
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दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण निर्माता कंपनी हुवावे का कहना है कि वह अमेरिकी हार्डवेयर के विकल्प तलाश रही है। अमेरिका ने हुवावे को मई में ब्लैकलिस्ट कर वहां की कंपनियों से कारोबार करने पर रोक लगा दी थी। इससे हुवावे को दिक्कतें होने लगीं, क्योंकि वह अपने उपकरणों के प्रमुख पार्ट्स की सप्लाई के लिए अमेरिकी फर्मों पर निर्भर थी।
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अमेरिका ने हुवावे पर बैन लगाने के पीछे दलील दी थी कि उसके उपकरणों से सुरक्षा कोखतरा है। यूएस का मानना है कि हुवावे के फाउंडर रेन झेंगफेकी चीन की सरकार से नजदीकियां हैं। अमेरिका हुवावे के उपकरणों से जासूसी का खतरा भी बता चुका है। हालांकि, कंपनी इस तरह की आशंकाओं से इनकार कर चुकी है।
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हुवावे दुनिया की दूसरी बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनीभी है। स्मार्टफोन की बिक्री बढ़ने से उसका रेवेन्यू जुलाई-सितंबर तिमाही में 27% बढ़ा था। कंपनी ने पिछले महीने नतीजों की जानकारी दी थी।
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