मुंबई. लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (एलआईसी) आईपीओ लाने से पहले आईडीबीआई बैंक की अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। एलआईसी ने पिछले साल जनवरी में आईडीबीआई बैंक की 51% हिस्सेदारी खरीदी थी। रिजर्व बैंक ने शेयरहोल्डिंग घटाने के लिए एलआईसी को 12 साल का वक्त दिया है, लेकिन एलआईसी आईपीओ लाने से पहले ही आईडीबीआई बैंक के शेयर बेच सकती है। एलआईसी के चेयरमैन एम आर कुमार ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि आईपीओ की वजह से एलआईसी के पॉलिसीहोल्डर और कर्मचारी प्रभावित नहीं होंगे। आईपीओ की योजना के खिलाफ एलआईसी के करीब 1 लाख कर्मचारियों ने इसी हफ्ते विरोध-प्रदर्शन किया था।
एलआईसी की एंटरप्राइज वैल्यू36 लाख करोड़ रुपए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को बजट में ऐलान किया था कि आईपीओ के जरिए एलआईसी की कुछ हिस्सेदारी बेची जाएगी। इसके अगले दिन वित्त सचिव राजीव कुमार ने कहा था कि एलआईसी का आईपीओ अगले वित्त वर्ष (2020-21) की दूसरी छमाही में आ सकता है। आईपीओ के जरिए सरकार 10% शेयर बेच सकती है। कंपनी की एंटरप्राइज वैल्यू 36 लाख करोड़ रुपए है।
अगले वित्त वर्ष में सरकार का 2.10 लाख करोड़ रुपए के विनिवेश का लक्ष्य
एलआईसी की कुछ हिस्सेदारी और आईडीबीआई बैंक के बचे हुए शेयर बेचकर सरकार की 90,000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। अगले वित्त वर्ष में सरकार ने 2.10 लाख करोड़ रुपए के विनिवेश का लक्ष्य रखा है। सरकार के पास एलआईसी के 100% और आईडीबीआई बैंक के 47% शेयर हैं।
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