खेल डेस्क. भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि डे-नाइट टेस्ट में शाम के समय फ्लड लाइट में खेलना मुश्किल हो सकता है। टीम इंडिया 22 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डन्स में बांग्लादेश के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट खेलेगी। पुजारा ने कहा, ‘दिन में विजिबिलिटी की समस्या नहीं होगी, लेकिन फ्लड लाइट में समस्या हो सकती है। वह सत्र महत्वपूर्ण होगा। मैंने दलीप ट्रॉफी में गुलाबी गेंद से खेला है। वह बेहतरीन अनुभव था। घरेलू क्रिकेट में पिंक गेंद से खेलने का अनुभव काम आएगा।’
पुजारा ने 2016 के दलीप ट्रॉफी में कुकाबुरा गेंद से मैच खेला था। उस सीरीज में उन्होंने सबसे ज्यादा 453 रन बनाए थे। इस दौरान दो शतक भी लगाए थे। इंडिया ब्लू से खेलते हुए पुजारा ने नाबाद 256 रन की पारी खेली थी। पुजारा के अलावा मयंक अग्रवाल, हनुमा वहारी और कुलदीप यादव को भी घरेलू क्रिकेट में गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव है।
पहली बार एसजी गेंद से डे-नाइट टेस्ट होगा
यह दोनों टीमों का पहला डे-नाइट टेस्ट होगा। साथ ही पहली बार डे-नाइट टेस्ट एसजी गेंद से होगा। टीम इंडिया के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने अभी से ही मैच की तैयारी शुरू कर दी है। उनके साथ रविवार को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मयंक, रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी भी मौजूद थे। इस दौरान नेशनल क्रिकेट एकेडमी के प्रमुख राहुल द्रविड़ सभी को सलाह देते नजर आए थे। भारतीय टीम बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज खेलेगी। पहला मैच इंदौर में 14 नवंबर से होगा।
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