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Saturday, November 30, 2019

आरबीआई ने डीएचएफएल के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया की शुरुआत की

मुंबई. दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नए कानून लागू होने के बाद यह पहला मौका है जब किसी एनबीएफसी के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू की गई है। दिवालिया कार्रवाई के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में बैंकिंग और फाइनेंस रेगुलेटर रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को याचिका दायर की। यह भी पहली बार हुआ है।

15 नवंबर से पहले फाइनेंस कंपनियांदिवालिया कानून के दायरे से बाहर थीं

रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आइबीसी) की धारा 227 के तहत उसने एनसीएलटी में आवेदन किया है। आवेदन पर फैसला होने तक इसने कंपनी द्वारा सभी तरह के भुगतान पर भी रोक लगा दी है। सरकार ने 15 नवंबर 2019 को ही इस धारा को अधिसूचित किया था। इससे पहले फाइनेंस कंपनियों को दिवालिया कानून के दायरे से बाहर रखा गया था। आरबीआई ने नवंबर की शुरुआत में कहा था कि वह डीएचएफएल के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करेगा।

डिफॉल्ट की आशंका को देखते हुए 20 नवंबर को इसके बोर्ड को अमान्य करते हुए रिजर्व बैंक ने इंडियन ओवरसीज बैंक के पूर्व चेयरमैन आर. सुब्रमण्यकुमार को कंपनी का एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया था। 22 नवंबर को आरबीआई ने तीन सदस्यों वाली सलाहकार समिति भी बना दी थी। इसमें आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन राजीव लाल, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी एन.एस. कन्नन और म्यूचुअल फंडों की संस्था एम्फी के सीईओ एन.एस. वेंकटेश शामिल हैं। यह समिति दिवालिया प्रक्रिया के दौरान दीवान हाउसिंग फाइनेंस के कामकाज में सुब्रमण्यकुमार की मदद करेगी।

डीएचएफएल पर 83873 करोड़ रुपए बकाया, 74054 करोड़ रुपए के कर्ज सिक्योर्ड
जुलाई 2019 में डीएचएफएल पर बैंकों, एनएचबी, म्यूचुअल फंडों और बॉन्ड धारकों के 83,873 करोड़ रुपए बकाया थे। इसमें से 74,054 करोड़ के कर्ज सिक्योर्ड और 9,818 करोड़ रुपए के कर्ज अनसिक्योर्ड थे। रिटेल निवेशक अनसिक्योर्ड वर्ग में ही आते हैं। एसबीआई समेत ज्यादातर बैंक डीएचएफएल को दिए कर्ज को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एनपीए घोषित करने वाले हैं। डीएचएफएल को कर्ज देने वाली संस्थाएं कंपनी में 51 फीसदी हिस्सेदारी लेने पर विचार कर रही थीं। लेकिन इस योजना की अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं हुई थी। पिछले साल आइएलएंडएफएस के डिफॉल्ट करने के बाद से एनबीएफसी सेक्टर मुश्किल में है। इसे बैंकों से कर्ज नहीं मिलने के कारण नकदी की समस्या आ गई है।

डीएचएफएल ने फिलहाल अपने वित्तीय परिणाम जारी करने का काम भी टाल दिया है। डीएचएफएल के परिणाम 25 नवंबर को आने थे। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि वित्तीय परिणामों को अंतिम रूप देने के लिए नए प्रशासक को वैधानिक लेखा परीक्षकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करने की जरूरत है।



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