मुंबई. अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग का शेयर ढाई महीने में 950% चढ़ चुका है। 9 सितंबर के बाद से शेयर में लगातार तेजी बनी हुई है। उस दिन बीएसई पर शेयर 73 पैसे पर बंद हुआ था, मौजूदा प्राइस 7.67 रुपए है। रिलायंस नेवल के शेयर में ये तेजी का सबसे लंबा दौर है। 2009 में शेयर की लिस्टिंग हुई थी। विश्लेषकों के मुताबिक शेयर में तेजी की वजह अटकलबाजी हो सकती है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी फर्म केआरआईएस के डायरेक्टर अरुण केजरीवाल का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा अपने हितों के लिए अटकलबाजी लगाना शेयर में तेजी की वजह हो सकती है। किसी शेयर का भाव बहुत ज्यादा नीचे होने की स्थिति में ये काफी आसान होता है। रिलायंस नेवल के फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कंपनी कई मुश्किलों से गुजर रही है।
रिलायंस नेवल के शेयर में तेजी की वजह जो भी हो लेकिन, यह अनिल अंबानी के लिए अहम है। रिलायंस नेवल चाहेगी कि उसे सरकार सेडिफेंस कॉन्ट्रैक्ट हासिल हो सकें। राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अरबों डॉलर खर्च करने की योजनाएं हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुतााबिक दिवालिया प्राधिकरण रिलायंस नेवल के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि बैंकों ने कंपनी के कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग से इनकार कर दिया है।
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