खेल डेस्क. फोगाट सिस्टर्स ने रेसलिंग में नए मुकाम हासिल किए हैं। सबसे बड़ी बहन गीता कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय रेसलर बनी थीं। बबीता ने सिल्वर जीता। अब बबीता से छोटी रितु ने बड़ी बहनों की तरह नया कारनामा करना चाहती हैं। वे मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में प्रोफेशनल डेब्यू करने वाली हैं। उनकी पहली फाइट 16 नवंबर को है। वे बीजिंग में दक्षिण कोरिया की नेम ही किम से भिड़ेंगी।
रितु ने कहा, ‘‘मेरे परिवार को सभी रेसलिंग के कारण जानते हैं। लेकिन मैं रेसलिंग छोड़कर एमएमए से जुड़ी। दरअसल, मैं यू-ट्यूब पर लंबे समय से एमएमए की फाइट देखा करती थी। मैं हमेशा कुछ नया करना चाहती थी। इसके खेलने के तरीके ने मुझमें रुचि जगाई। इसमें सिर्फ रेसलिंग नहीं होती, बल्कि रेसलिंग के साथ-साथ मुआथाई और बॉक्सिंग भी होती है। लेकिन मुझे पता नहीं था कि इसकी ट्रेनिंग कहां होती है।’’
सिंगापुर से ट्रेनिंग का ऑफर मिला
उन्होंने कहा, ‘‘सिंगापुर के एमएमए ऑर्गनाइजेशन इवॉल्व ने मुझे यहां ट्रेनिंग करने का ऑफर दिया और मैं इसे मिस नहीं करना चाहती थी। यह एशिया का सबसे बड़ा एमएमए ट्रेनिंग सेंटर है। मैं हमेशा सोचती थी कि एमएमए में भारत का कोई वर्ल्ड चैंपियन क्यों नहीं है? मेरे रेसलिंग से एमएमए में आने की मुख्य वजह भी यही थी। मैं सुबह दो घंटे और दोपहर में दो घंटे प्रैक्टिस करती हूं। इसके अलावा स्ट्रेंथिंग कंडीशनिंग की अलग से कोचिंग करती हूं। वन चैम्पियनशिप एशिया का सबसे बड़ा एमएमए इवेंट है। मैं एटमवेट कैटेगरी में हिस्सा ले रही हूं। अभी मैंने टाइटल जीतने के बारे में नहीं सोचा है। मैंने वर्ल्ड चैंपियन की फाइट के लिए खुद को दो साल का समय दिया है। मैं तो अभी सिर्फ फाइट लड़ना चाहती हूं। ताकि, इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा सीख सकूं। भारत में एमएमए को ऊंचे लेवल पर देख रही हूं। रेसलिंग मेरे खून में है। रेसलिंग में वापसी करूंगी या नहीं, यह भविष्य बताएगा।’’
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